EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME) KYA HAI | ईपीएस(पेंशन स्कीम) क्या है

EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME) KYA HAI | ईपीएस(पेंशन स्कीम) क्या है

जैसा कि हमें पता है की कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन तथा डीए का 12% EPF (एंप्लाइज प्रोविडेंट फंड) में जमा होता है और इतना ही (12%) EMPLOYER (नियोक्ता) के द्वारा भी जमा किया जाता है लेकिन बहुत कम लोगों को ही यह पता होता है कि इसी में EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME)पेंशन में भी जमा होता है EMPLOYER(नियोक्ता) के द्वारा जमा कराया गया 12% EPF में से

8.33 प्रतिशत EPS खाते में जाता है और यह कर्मचारी के 58 साल की उम्र हो जाने के बाद उसे पेंशन के रूप में मिलता है इसे ही EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME) कहते हैं लेकिन इसके लिए EPS-95 के तहत कुछ नियम हैं जैसे कि कर्मचारी को इसके लिए 9 साल 5 महीने कम से कम EPF का भागीदार बनना जरूरी है अर्थात कोई भी कर्मचारी यदि किसी कंपनी में 9.5 साल या इससे अधिक कार्यरत रहता है तो वह ईपीएस का हकदार बन जाता है और वह 58 साल की उम्र हो जाने पर पेंशन के लिए आवेदन कर सकता है तथा इस योजना का लाभ ले सकता है वर्तमान में नियोक्ता द्वारा जमा किया गया 12% EPF में से 8.33 प्रतिशत ईपीएस (EPS)में जमा होता है किंतु सरकार अब स्वैच्छिक पेंशन योजना लाने की प्रयास कर रही है जिसके तहत कर्मचारी वर्तमान में नियोजित पेंशन से कहीं ज़्यादा पेंशन प्राप्त कर सकता है तो चलिए आज इस ब्लॉक में पेंशन के बारे में और अधिक जान लेते हैं|

EPS (EMPLOYEES PENSION SCHEME) में कितना पैसा जमा होता है

जैसा की हमने बताया कि प्रत्येक कर्मचारी का मूल वेतन (BASIC) एवं DA से 12%EPF में जमा होता है तथा इतना ही 12% नियोक्ता द्वारा जमा किया जाता है जिसका 8.33 प्रतिशत ईपीएस में जमा होता है

EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME) का लाभ किन किन लोग ले सकते हैं

वह सभी कर्मचारी जो किसी संस्था क्षेत्र से जुड़े हुए हैं तथा प्रति महीने अपने वेतन से EPF मैं सहभागिता निभाते हैं तो वह इस योजना का लाभ ले सकते हैं|यदि वह 9.5 साल या इससे अधिक कार्यरत रहते हैं किसी एक ही संस्था में तो 58 साल की उम्र हो जाने पर पेंशन का लाभ ले सकते हैं अथवा यदि उनकी कार्यकाल इससे कम होती है तो वह EPF के तहत अपने पेंशन में जमा EPS, EPF के साथ ही निकाल सकते हैं

EPS का लाभ पाने के लिए समय सीमा

यदि कोई कर्मचारी EPF में 9.5 साल से अधिक कंट्रीब्यूट(CONTRIBUTE) किया है तो वह पेंशन का लाभ लेने के योग्य हो जाता है जिसे 58 साल की उम्र के बाद EMPLOYEES PENSION SCHEME CERTIFICATE दिया जाता है और इसी सर्टिफिकेट के द्वारा वह पेंशन का लाभ ले सकता है यदि उनके कार्यकाल 9.5 साल से कम रहती है तो वह EPF के तहत EPS का पैसा निकाल सकता है|

EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME) पेंशन की गणना

पेंशन स्कीम के तहत पेंशन की गणना इस सूत्र से की जाती है-कर्मचारी की कार्य के कुल वर्ष गुणा पेंशन प्राप्त करने योग्य राशी भागित 70

अब मान लीजिए कोई कर्मचारी किसी संस्था में 15 साल से EPF में भागीदार है और उस की पेंशन प्राप्त करने योग्य राशि ₹7000 हैं|तो 7000 गुणित 15 भागित 70

7000*15/70

=1500

EPS(EMPLOYEES PENSION SCHEME) पेंशन की मुख्य बातें 

*यदि कोई कर्मचारी किसी संस्था में 9.5 साल से अधिक समय तक EPF का भागीदार है तो वह ईपीएस पेंशन का पात्र है|

*58 साल की उम्र में यदि कर्मचारी कार्यरत है या फिर बेरोजगार है तो इन दोनों ही स्थिति में पेंशन का लाभ ले सकता है|

*पेंशनार्थी को यह पेंशन जिंदगी भर मिलेगी तथा उसकी मृत्यु हो जाने के बाद उसके पति या पत्नी तथा दो बच्चे जिनकी उम्र 25 साल से कम हो को मिलेगी

*पेंशनार्थी यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसकी मृत्यु के बाद पेंशन किसे मिले|

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