5 साल नहीं 3 साल में मिलेगी ग्रेच्युटी-मोदी सरकार कर रही तैयारी|

5 साल नहीं 3 साल में मिलेगी ग्रेच्युटी-मोदी सरकार कर रही तैयारी|

2019 में होने वाले चुनाव से पहले कर्मचारियों को बहुत बड़ा तोहफा मिल सकता है, मोदी सरकार ने यह तैयारी कर ली है|
किसी भी संस्था या कंपनी में 5 साल सेवाएं देने के बाद कोई भी कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार बन जाता है| लेकिन बहुत से ऐसे कर्मचारी होते हैं जो अपने सर्विस लगातार 5 साल तक नहीं दे पाते हैं| और इस ग्रेच्युटी के लाभ से वंचित रह जाते हैं| किंतु अब ग्रेच्युटी के लिए कर्मचारी को 5 साल तक का इंतजार नहीं करना होगा| सूत्रों से मिली जानकारी के हिसाब से सरकार इस फैसले पर तैयारी कर रही है की ग्रेच्युटी की सीमा 5 साल से घटाकर 3 साल कर दी जाए, और ऐसा हो जाने पर देशभर में काम कर रहे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा| और इसके लिए GRATUITY ACT 1972 में बदलाव किए जाएंगे|

श्रम मंत्रालय ने उद्योग जगत से यह पूछा है कि यदि GRATUITY की समय सीमा 5 साल से घटाकर 3 साल कर दी जाए तो इसका उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा और कौन सी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है| इस प्रस्ताव को दिसंबर में होने वाले सेंट्रल बोर्ड आफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में सामने रखा जाएगा और दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा कि यदि समय सीमा घटाई जाती है तो इसके गणना करने के तरीकों में भी बदलाव किया जा सकता है|

इस प्रस्ताव के पारित हो जाने पर सरकारी, गैर सरकारी या फिर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारि सभी तरह के कर्मचारियों को इसका निश्चित लाभ मिलेगा| और ऐसे में वह कर्मचारी भी ग्रेच्युटी की फायदा ले सकेंगे जो अपनी सर्विस लगातार 5 साल तक नहीं कर सकते| एक तरह से देखा जाए तो अधिकतर कर्मचारी लगभग 3 साल की सर्विस तो किसी कंपनी में अवश्य पूरा करते हैं| किंतु 5 साल की अवधि लंबी अवधि हो जाती है जिसे पूरा कर पाना सभी कर्मचारियों के लिए संभव नहीं हो पाता है, और ऐसे मामले में वह ग्रेच्युटी में मिलने वाले फायदे से वंचित रह जाते हैं इस प्रस्ताव पर श्रम मंत्रालय द्वारा जोर दिया जा रहा है | तथा आने वाले चुनाव को देखते हुए भी मोदी सरकार कर्मचारियों को एक तोहफा देकर खुश करने का प्रयास करेगी इसलिए यह प्रस्ताव पारित होने के संभावना अधिक हैं|

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