खुशखबरी:सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से कई गुना बढ़ जाएगी पेंशन

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खुशखबरी:सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से कई गुना बढ़ जाएगी पेंशन

सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से देश के कई पीएफ खाताधारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ गई है| और यह कोई छोटी-मोटी खुशखबरी नहीं बल्कि बहुत बड़ी खुशी वाली बात है| जहां हम बात करते थे पेंशन दोगुनी होने की तो सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पेंशन दोगुनी नहीं तीगुनी नहीं बल्कि कई लोगों के 300% तक मासिक पेंशन बढ़ जाएगी|

जी हां,केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ की आवेदन ठुकरा दी है, तथा केरल हाईकोर्ट के आदेश को मंजूरी दे दी है| आपको बता दें कि सितंबर 2014 के पहले तक पेंशन का नियम के अनुसार गणना ₹6500 वेतन तक ही की जाती थी चाहे आप की वेतन कितनी ज्यादा भी क्यों ना हो और सितंबर 2014 के बाद अधिकतम वेतन ₹15000 तक की गणना की जाती थी| अर्थात यदि आप प्रतिमाह ₹20000 भी तनख्वाह पाते हैं तो पर भी आपकी पेंशन ₹15000 वेतन पर ही जमा होगी|

किंतु हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट पर इसके खिलाफ कई सारे आवेदन किए गए, आपत्ती यह था कि मान लीजिए यदि कोई व्यक्ति ₹50000 तनख्वाह पाता है किंतु फिर भी उसके मात्र 15000 वेतन पर ही पेंशन जमा होती है तो ईपीएफओ के अधिकतम पेंशन नियम के तहत उसे 58 वर्ष के बाद मात्र ₹7500 प्रति माह पेंशन प्राप्त होगी यदि उसने 35 वर्ष की कार्य अवधि की हो तब| ऐसे में वह व्यक्ति अपने बुढ़ापे में रिटायरमेंट के बाद मात्र ₹7500 के पेंशन में कैसे गुजारा करेगा और इस तरह के नियम पेंशन योजना पर एक बाध्य हैं|

इस याचिका पर केरल हाईकोर्ट ने ईपीएफओ के इन धारणाओं को रद्द करने का आदेश दिया था जिसके खिलाफ ईपीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट पर याचिका दायर की थी, किंतु सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को ठुकरा दिया और केरल हाई कोर्ट के आदेश को मंजूरी दे दी जो कि 1 अप्रैल 2019 से लागू हो गई है|

क्या है पेंशन गणना का नया नियम?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पेंशन की गणना में किसी भी तरह का वेतन निश्चित दर नहीं है| अर्थात पेंशन में अधिकतम दर ₹15000 पर जो गणना की जाती थी वह नियम अब हट जाएगी और यदि कोई व्यक्ति इससे अधिक वेतन पाता है, तो गणना उस राशि पर की जाएगी| इसके अलावा पहले के नियम के अनुसार व्यक्ति के वेतन की गणना भी उसके आखरी 5 वर्षों के वेतन के एवरेज के अनुसार किया जाता था जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारी के अंतिम वेतन के अनुसार ही पेंशन की गणना की जाएगी|और इस तरह अधिकतम मासिक वेतन जो कि ₹7,500 थी वह नियम भी टूट जायेगी|

नए नियम के अनुसार कैसे बढ़ेगी पेंशन?
इसे अच्छी तरह समझने के लिए चलिए हम आपको कुछ उदाहरण बताते हैं और आपको बता दें की इस नियम के अनुसार उन्हीं लोगों को इसका फायदा होगा जिनकी वेतन ₹15000 से अधिक है और वह अपनी फुल वेजेस अर्थात पूर्ण वेतन पर पेंशन अंशदान कर रहे हैं अथवा आगे चलकर करेंगे|

मान लीजिए किसी कर्मचारी की मासिक वेतन ₹50000 है तथा उसने 35 वर्ष कार्य किए हैं तो…..

सितंबर 2014 से पहले की गणना के अनुसार
क्योंकि यहां पर अधिकतम ₹6500 पर ही गणना होती थी
6500×35/70=3250

सितंबर 2014 के बाद
क्योंकि जहां पर अधिकतम ₹15000 पर ही गणना होती थी
15000×35/70=7500

1 अप्रैल 2019 के बाद
नये नियम के अनुसार अंतिम वेतन पर गणना की जायेगी
50000×35/70=25000

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1 Comment

  1. Can you explain as to when and how and to whom this 1st April 2019 Supreme Court order to be applied. When this rule came into force.

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